प्रिया और हनुमान की बदली शादी की जगह, निमंत्रण पत्र बना कारण

अलवर.

राजस्थान में इस समय प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद की शादी सुर्खियों में है। अलवर जिले के निवासी हनुमान प्रसाद और पाली जिले की रहने वाली प्रिया सेठ 23 जनवरी को बसंत पंचमी अबूझ सावे के दिन विवाह के बंधन में बंध गए। दोनों की शादी एक होटल में हुई।शादी में कौन-कौन शामिल हुआ

जयपुर की खुली जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे प्रिया और हनुमान की शादी में परिवार के अलावा केवल नजदीकी रिश्तेदार ही मौजूद रहे। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद इन दोनों को पैरोल मिली है। दोनों चर्चित हत्याकांड में शामिल रहे हैं।

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क्यों चर्चा में है यह शादी
प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद के दिल जेल में ही मिले। दो कैदियों की प्रेम कहानी की वजह से यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। शादी पर मीडिया और लोगों की नजर के कारण कपल को आखिरी समय पर अलवर जिले के बड़ौदामेव कस्बे से अपनी शादी की जगह बदलनी पड़ी।

ये थी शादी के वेन्यू में बदलाव की वजह
34 वर्षीय प्रिया सेठ और 29 साल के हनुमान प्रसाद ने अलवर में शादी की। शादी की जगह में बदलाव की वजह दोनों की शादी का कार्ड बताया जा रहा है। दरअसल दोनों के शादी के निमंत्रण पत्र में हनुमान का नंबर था। सोशल मीडिया पर दोनों की शादी का कार्ड वायरल हो गया था। बड़ौदामेव में उनका घर शादी के सजा हुआ था, वहां शादी की जगह बदलने के बाद सन्नाटा पसरा हुआ था। इससे कस्बे में ये अटकलें लगने लगीं कि क्या शादी टाल दी गई है। लेकिन शादी प्लान के अनुसार ही हुई, केवल जगह अलग थी।

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शादी को लेकर क्या बोली हनुमान प्रसाद की मां
हनुमान प्रसाद की मां चंद्र कला ने कहा कि हम खुश हैं कि हमारे बेटे की आखिरकार शादी हो रही है। जब उनके पूछा गया कि आपका शादी को लेकर क्या कहना है। इस पर उन्होंने कहा कि अच्छा है। दोनों नई जिंदगी की शुरुआत कर रहे हैं।
प्रिया सेठ को 2018 में जयपुर में दुष्यंत शर्मा की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था, जिससे वह एक डेटिंग ऐप पर मिली थी। वहीं हनुमान प्रसाद को 2017 के एक मामले में अलवर में एक आदमी, उसके 3 बेटों और एक भतीजे की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था। दोनों को 2023 में दोषी ठहराया गया और उम्रकैद की सजा सुनाई गई।

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